Showing posts with label Gharelu Nuskhe. Show all posts
Showing posts with label Gharelu Nuskhe. Show all posts

Thursday, 13 June 2013

चावल के लड्डू - Chawal ke Laddoo

किसी भी काम की शुरुआत अक्सर मीठे से ही की जाती हे। और मीठे में हमारे राजस्थान में लड्डू का अपना अलग ही मजा हे। बूंदी के लड्डू तो में पहले ही share कर चुकी हु। आज कुछ नए लड्डू भी try करते हे। चावल के लड्डू केरल की पारंपरिक मिठाइयो में से हे।

ध्यान देने की बाते -
चावल के लड्डू पारंपरिक तौर पर कच्चे चावलों को सेक कर फिर उनके आटे से बनाये जाते हे। पर हम सुविधा के लिए चावल का आटा भी काम में ले सकते हे।
केरल में पारंपरिक लड्डू गुड से बनते हे। अगर हम चाहे तो गुड की जगह चीनी भी कम में ले सकते हे।
किसी भी मिठाई में चार चाँद घी से लगता हे पर इसमें हम घी की जगह ढूढ़ या पानी भी कम में ले सकते हे।

चावल के लड्डू ( Rice Ladoo )

सामग्री -
चावल - 1 कप या चावल का आटा - 1 कप
लड्डू बाँधने के लिए -
घी - थोडा सा या ढूध - थोडा सा
गुड - 3/4 कप या चीनी - 1 कप
पीसी छोटी इलाइची - 1 छोटा चम्मच
बादाम और पिस्ता की कतरन - 2 बड़े चम्मच
गुलाबजल - 2 - 4 बूँद

विधि -
चावल ( या चावल का आटा ) को एक भारी तले की कढाई में मध्यम आंच पर सेक ले। ध्यान दे की चावल अच्छे से सिक जाये और हलके भूरे रंग के हो जाये। आप अगर चाहे तो थोडा और गहरा रंग आने तक सेक सकते हे। बस स्वाद में थोडा और कड़क स्वाद हो जायेगा जो की पूरी तरह से आप और आपके परिवार के स्वाद पर निर्भर करता हे। इसी तरह अगर आप आटा काम में ले रहे हे तो उसे भी भुन ले।
चावल भुन जाने पर उन्हें हल्का ठंडा होने के लिए रख दे फिर उन्हें एक महीन पाउडर जितना पीस ले।

अब एक कढ़ाही में नारियल को माध्यम आंच पर सेक ले। जब ये अच्छा सिक जाये तब इसमें किसा हुआ गुड डाले। और हल्का सेक ले। सिर्फ इतना ही सेकना हे की ये हल्का गरम हो जाये तो नरम होकर लड्डू बाँधने जेसा हो जाये।

लड्डू बांधना -
इस तैयार गुड के मिश्रण को चावल के आटे में मिला दे। मेवे, इलाइची पाउडर मिलाये। हाथो पर हल्का पानी लगा कर लड्डू बांधे। अगर लड्डू बंधने में दिक्कत आ रही हो लड्डू का मिश्रण सख्त हो तो इसमें ढूढ़ या घी अपने स्वाद के अनुसार इतना मिलाये जितने से मिश्रण लड्डू बंधने जेसा हो जाये। सजावट के लिए चांदी का वर्क और केसर काम में ले।

कुछ हटके -
(अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
- गुड को हल्का गरम करने के बजाये इसे चाशनी बना कर भी लड्डू बनाये जा सकते हे। इसके लिए 1 कप पानी में गुड और केसर और इलायची दल कर पकाए। इसे उबलने तक पकाए और ऊपर से चाशनी की गन्दगी को हटा कर साफ कर दे। अब इसे भुने आटे और भुने नारियल में मिला कर लड्डू बनाये।
- नारियल को आप चाहे तो बिना भुने भी काम में ले सकते हे। बस ये सब आपकी imagination और स्वाद पर हे की कितना स्ट्रोंग स्वाद आप पसंद करते हे।
- किसी से बात करते हुए मुझे ये भी पता चला की ये लड्डू तेल में तल कर भी बनाये जा सकते हे। इसके लिए चावल के आटे में नारियल और किसा हुआ गुड और मेवे मिला कर हल्का ढूढ़ या घी या पानी दाल कर लड्डू बना ले फिर इसे गरम तेल में तल ले। ठंडा होने पर खाए और खिलाये। ये मेने try नहीं किये अगर आप करे तो मुझे बताये केसे लगे। में भी try करुँगी।

तूअर दाल सूप - Toor Dal Soup - साउथ इंडियन सूप (south Indian Soup )

सर्दियों की भीनी भीनी आहट हो गयी हे। अब एक प्याली के चाय की जगह अगर हर शाम एक बाउल सूप ले तो ये हमारी एक नयी और different पहल तो होगी ही। उसके साथ ही सेहत सुधारने की तरफ हमारा नया कदम होगा। सूप के अलग अलग variation बच्चो और बड़ो दोनों को ही काफी भाते हे।

 साउथ इंडियन सूप (south Indian Soup )

 सामग्री -
 तुअर दाल  - 1 मुठी 
 वेजिटेबल स्टॉक - 3 कप 
किसा हुआ नारियल - 2 छोटे चम्मच
अदरक - 1 छोटी गाठ
हरी मिर्च - 1
उबले चावल - 2 बड़े चम्मच
राइ - आधा छोटा चम्मच
करी पत्ता - 6 - 7
बटर या तेल - 2 छोटे चम्मच
नमक - स्वादानुसार 

विधि -

 वेजिटेबल स्टॉक -
 सीजन में उपलब्ध सब्जिया ले ( टमाटर , पत्तागोभी, फूलगोभी, मटर, गाजर और कोई अन्य आपके पसंद के सब्जी ) इन सब सब्जियों को अच्छे से धो के काट ले। फिर इन्हें प्रेशर कूकर में 3 सीटी तक पका ले। फिर ठंडा होने पर पीस ले। अब इसे छान ले। ये जो छाना हुआ पानी हे ये वेजिटेबल स्टॉक हे।

दाल -
तुअर दाल को 2 घंटे भिगो के रख दे। अब इस भीगी दाल को 1 कटोरी पानी डाल कर पका ले। दाल पूरी तरह से गलने पर ब्लेंडर से ब्लेंड करके छान ले।

 सूप -
 एक फ्राइंग पेन में 1 छोटा चम्मच बटर ले और गरम करे। इसमें कुटी अदरक, कटी हरी मिर्च डाल कर हल्का भुने। अब इसमें किसा हुआ नारियल दाल कर 2 - 4 मिनट सेके। अब इसमें वेजिटेबल स्टॉक और दाल का पानी मिला ले। नमक डाले और 5 मिनिट  के लिए सिम पर ढक्कन रख कर पकने दे। इससे सारे फ्लेवर आपस में बहुत ही अच्छे से मिक्स हो जायेंगे।

तड़का -
बचे हुए बटर को तड़का पेन में गरम करे। इसमें गरम होने पर राइ, करी पत्ते डाले इस तडके को सूप में मिलाये। और एक और उबाल ले कर इस गरमा गरम सूप को सब के साथ बेठ कर खाए खिलाये।

 कुछ हटके -
 (अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
 - वेजिटेबल स्टॉक का जो छानने के बाद बचा हुआ गाढा पेस्ट हे उसमें बेसन और चावल का आटा मिला कर उसमे मनपसन्द मसाले डालिए। इसके डायरेक्ट पकोड़े बनाये जा सकते हे या इसे एक फिलिंग की तरह से इस्तेमाल करके पराठे भी बनाये जा सकते हे।

बालो की देखभाल - सर्दियों में ( Hair care in winter )

वेसे तो हर मौसम हर महीना ही हमारे लिए हमारी skin और बालो के लिए important  हे। लेकिन मौसम के अनुसार अपनी त्वचा, बाल और शरीर की देखभाल उनकी खूबसूरती को और बढ़ा  देता हे। सर्दियो में ठंडी तेज़ हवाए  और सुखा मौसम हमारे बालो को पूरी तरह से बेजान बना  देता हे। बालो का natural oil इस मौसम में इतना पर्याप्त नहीं होता की वो प्राकृतिक तौर पर बालो को खूबसूरत और मजबूत बना सके। तो चलिए कुछ घरेलु नुस्खे अजमा कर बालो की खूबसूरती सर्दियों में भी बढाई जाये। 

ध्यान देने योग्य बाते - 
1. बालो पर एक दम गरम temperature नहीं use करे। चाहे वो बाल सुखाने के लिए हेयर ड्रायर का उपयोग हो या चाहे बालो को स्टाइल करने के लिए styling मशीन का उपयोग हो।
2. बालो को धोने के लिए नार्मल से थोडा गरम पानी ही use करे। ज्यादा गरम पानी से बाल रूखे और dandruff होने के चांसेस काफी बढ़ जाते हे। 
3. बाहर जाने से पहले अगर हो सके तो अपने बालो को बांध कर रखे। एक पोनी टेल या चोटी बांध कर जाये। या फिर बालो को एक सिल्क स्कार्फ से ढक कर निकले। 
4. एक अच्छी कंपनी की moisturizing क्रीम या हेयर सीरम अपने बालो पर use  करे। 



कुछ और नोट करने की बाते - 
तेल का उपयोग (Oiling ) - सर्दियों में हमारी सर की त्वचा काफी dry हो जाती हे इसलिए रेगुलर oiling जरुरी हे बालो को मजबूत रखने के लिए। जरुरी नहीं की बालो को कई घंटो तक तेल लगा कर रखा जाये। 15 मिनिट की
अच्छी मालिश के बाद 1 या 2 घंटे तेल लगे बालो को अच्छे शैम्पू से धो सकते हे। तेल लगाने के बाद अगर भाप दे जाये सर की त्वचा में तो बालो का पोषण और भी बढ़ जाता हे। भाप देने के लिए गरम पानी में तौलिया डुबो कर उसे निचोड़ कर सर पर रखे। ठंडा होने पर दुबारा ऐसा करे।  
Oiling tip - dry बालो में हमेशा इतना तेल लगाये की जेसे वो तेल काफी हद तक डूब गए हे। फिर उसे 1 घंटे बाद धो दे। ज्यादा शैम्पू use न करे। बालो में natural कंडीशनिंग हो जाएगी। 

सही तरह से धोये (Washing ) - बालो को अच्छे शैम्पू से धोना जरुरी हे। बालो को हलके गरम पानी से किसी mild शैम्पू से धोये। शैम्पू लेते समय ये देख ले की उसमे SPF की मात्र कम से कम हो या हो सके तो न हो। वेसे ज्यादा मात्रा में शैम्पू use न करे। और जब तक जरुरी न हो धोते समय सिर्फ एक ही बार शैम्पू use करे। हर बार सारा oil बालो से निकलना जरुरी नहीं क्युकी ये एक्स्ट्रा तेल ही बालो को अगली बार तक मुलायम बनाये रखता हे। लेकिन इतना तेल भी नहीं रहे की वो धुल और मिटटी खेचे और बालो में गन्दगी बढे जिससे dandruff होगी। 

कंडीशनिंग (conditioning ) - अगर बाल ज्यादा दरी हे तो एक अच्छा rich कंडीशनर use करे। उसके बाद जब बल हलके सुख जाये तब उस पर सीरम प्रयोग करे। अगर धोने से पहले बालो में तेल काफी अच्छे से लगाया हुआ था तो कंडीशनर न उसे करके डायरेक्ट सीरम उपयोग में ले। आजकल कई बड़े हेयर ड्रेसर कंडीशनर के बजाये डायरेक्ट moisturizing क्रीम या सीरम प्रयोग करने के लिए सलाह देते हे। क्योकि प्राकृतिक तेल ज्यादा उपयोगी हे। इसीलिए कंडीशनर से बालो को ज्यादा oily नहीं बनाये।

सुखाना - ये हम पहले ही बात कर चुके हे की बालो को प्राकृतिक तौर पर ही सूखने दे। अगर जरुरी न हो तो तेज धुप या ब्लो ड्रायर का उपयोग न करे।

स्कार्फ - सर्दियों में ठण्ड से बचने के लिए हम वूलन टोपी या स्कार्फ प्रयोग में लेते हे। लेकिन इससे बल टूटने की संभावना काफी बढ़ जाती हे। इसलिए कोशिश करे की सिल्क का स्कार्फ use  करे।
घरेलु नुस्खे - 
बाल झड़ना (hair fall ) - 2 छोटे प्याज को कास कर उसका रस निकाल  ले इसमें 2 चम्मच शहद मिला ले। अब इस रस को बालो की जड़ो में 15 मिनिट के लिए लगा कर छोड़ दे। 15 मिनिट बाद शैम्पू से अच्छी तरह से धो ले। पहली ही बार से आपको फर्क दिखने लगेगा। 

बाल उगाना - ऊपर लिखे प्याज़ और शहद के मिश्रण में हरे धनिया का रस मिला ले। इसके नियमित उपयोग से काफी असर दिखने लगता हे। 

dandruff  - 1.प्याज और शहद का रस एक बेजोड़ उपाय हे dandruff मिटने के लिए। 
2. olive oil - लौंग का तेल हल्का गरम करके उससे मालिश करे। ये daundruff हटाएगा ही और बालो को एक बेहतर कंडीशनिंग भी देगा।
3. नीम की पत्तिया - नीम की पत्तियों को उबाल कर उसे छान ले। इस पानी से बाल धो ले। ये एक बहुत ही अच्छा एंटीसेप्टिक हे। क्योकि dandruff भी एक तरह का फंगस हे तो ये काफी असरदार होता हे।

कंडीशनिंग (conditioning ) - 1. शहद का पैक - बालो को अच्छे से ब्रश करने के बाद उन पर शहद का पैक लगाये। इसके लिए 2 चम्मच शहद में 1 चम्मच गरम पानी मिला कर उसे थोडा पतला कर ले। फिर इसे एक ब्रश की सहायता से जड़ो से लेकर अंत तक लगा ले। 20 मिनिट रखने के बाद हलके गरम पानी से धो ले। 
2. केला पैक - आधा केला, 1 चम्मच लौंग का तेल ( olive oil ), आधा कप दही इसे ब्लेंडर में मिक्स कर ले। अब इस पैक को आधे घंटे के लिए बालो में लगा ले। फिर हलके गरम पानी से धो ले। 

ये सब आपके लिए कितना उपयोगी था ये अगर आप मेरे साथ शेयर करे। ताकि में और भी ज्यादा उत्साह के साथ अगली बार कुछ और खोज खबर करके सब के साथ शेयर कर सकू।

मटर पुलाव (Peas Pulav / Matar Pulav )

मटर पुलाव ( Matar Pulav )

सर्दी हो या गर्मी किसी भी पार्टी में या कभी अगर मेहमानों को यु ही खाने पर बुलाया हो तो खाने में चावल का अपना अलग ही जगह हे। ऐसे में अगर सादे चावलों की जगह उनमे कुछ और स्वाद मिला कर बनाया जाये तो मजा और भी बढ़ जाता हे। तो आज कुछ सिम्पल और फटाफट चावल की रेसिपी बनाते हे।

मटर पुलाव 



सामग्री - 

चावल - 2 छोटी कटोरी
मटर - 3/4 छोटी कटोरी  
देसी घी - 2 बड़े चम्मच
लौंग - 2  
छोटी इलाइची - 1
दालचीनी - छोटा टुकड़ा
काली मिर्च - 2 - 3
जीरा - छोटा आधा चम्मच
नमक - स्वादानुसार  
पानी - 4 छोटी कटोरी

चावलों को अच्छे से पानी से  धोकर आधे घंटे के लिए भिगो के रख दे। अब एक पेन में घी गरम करे उसमे जीरा और  सारे खड़े गरम मसाले डाल ले। जीरे की खुशबू आने पर उसमे मटर ड़ाल कर हल्का तल  ले। अब इसमें चावल मिला कर हलके हाथो से हिला ले। चावल हल्का भून जाने पर चावल से दुगनी मात्रा में पानी मिला कर तेज आंच पर उबाल आने दे। अब एक उबाली के बाद इसे ढक कर सिम आंच पर 10 मिनिट के लिए पकने दे। 10 मिनिट बाद एक बार देख ले हल्का हिला कर की चावल पके हे या नहीं। अगर पक गए तो आंच बंद करके ढक्कन लगा कर 1 मिनिट के लिए ऐसे ही रख दे।

फिर गरमा गरम पुलाव परोस कर मजा ले।

Saturday, 8 June 2013

Homemade Khushi

Homemade  Khushi  हे उन खुशियों को ढूढने का तरीका जो हमारे घरेलु नुश्खो में ही छिपे हुए घर में बेठे हे. बस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम उन्हें भूल जाते हे. 

इसमें हे -->
वेजिटेरियन रेसिपी
घरेलु नुस्खे - रसोई घर
ब्यूटी टिप्स
लाइफ स्टाइल की बाते 
आयुर्वेदिक नुस्खे अच्छी हेल्थ के लिए 
फैशन टिप्स 
और अनेक ....

न जाने कितनी ही बार महसूस हुआ की क्यों खिची खिची सी हो गयी जिंदगी ...
न जाने कब वो पहली मुलाकात की गर्मिया सर्द गृहस्ती की हवाओ में उड़ गयी ...
बिखर गयी सुनहरी रंगत मेरी, वो परफेक्ट सुनहरे cake bake करते करते ...
भूल गए कब आखिरी बार, बिना parlour गए , हमारे दीदार से किसी के नैन नहीं हटते ...

हम में से कितनो की ही जिंदगी की कहानी से ये ऊपर लिखी टेडी मेढ़ी lines सीधी सीधी match करती होगी। कितनी ही बार हमें ये सुनने को मिलता हे ... क्यों इतने गुस्से में हो? अरे कभी तो हमारे साथ बेठ
कर शांति से खाना खाओ। तुम्हे तो बस मेरे अलावा सब की पड़ी हे। इतनी छोटी छोटी बाते याद नहीं रखोगी तो घर केसे संभालोगी। vegetarian में कितने और भी options हे फिर भी रोज बस वोही सब्जिया and same पराठे। पड़ोस की Mrs Sharma कभी parlour जाते नहीं देखा पर फिर भी हमेशा tip top ही दिखती हे।

और भी न जाने क्या क्या ... :) well रोज वोही बाते एक खीझ सी होती हे। पर जब भी कभी शांति से 2 min सोचते हे तो लगता हे, क्या गलत हे सब की बातो में। कही न मेरे लिए प्रेम, एक concern ही तो हे ये सबका मेरे लिए। और क्या चाहती हे एक नारी, बस अपनों को खुश रखना, केसे भी, किसी भी तरह। और कही न कही 100 तरीके ढूंढते रहते हे ये ख़ुशी के लिए। पर क्या कभी हमने ये realize किया की वो जो ख़ुशी कही बाहर ढूंढ़ रहे हे वो हमारे अन्दर ही हे। बस एक बार अपनी ख़ुशी को पहचाने, उसे सवारे, खुद खुश रहे, बस फिर क्या - अपनी ख़ुशी के साथ हमें अपने अपनों की ख़ुशी किस कदर चारो तरफ से मिलती हे।

"Homemade  Khushi " बस एक कोशिश हे आपका साथ देने की उस ख़ुशी को ढूंढने में। और फिर एक साथ celebrate करने के लिए। तो आइये इस नयी शुरुआत में साथ दे और कुछ नमकीन से जीवन को और भी "खुशकीन " बनाये।
यहाँ मेरी कोशिश हे रोज कुछ vegetarian reciepis आपके साथ share करू। कुछ ब्यूटी टिप्स और रोजमर्रा के जीवन के नुस्खे आपके साथ share करू। इनमे से सब originally मेरे invented या ढूंढ़े हुए नहीं हे, बल्कि कुछ मेरे तकरीबन 20 सालो का इक्कठा किया खजाना हे जिसे में आपके साथ बाट कर और बढ़ाना चाहती हु। आप सब के विचार और सुझाव मेरी इस कोशिश को और भी रंगीन कर देंगे।
तो आइये शुरुआत करे ख़ुशी की खोज की।