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Wednesday, 17 July 2013

बेसन के गट्टे - Besan ke gatte - Rajasthani Recipe Dish

बेसन के गट्टे  - Besan ke gatte


बरसात के मौसम गरम गरम गट्टे और गरम गरम घी लगी रोटी मिल जाये तो बस शाम का आनंद ही आ जाता हे. गट्टे प्रमुख रूप से राजस्थान में बनाये जाते हे पर आजकल ये पूरे उत्तर भारत में प्रसिद्द हो गए हे। हर कोई इसमें अपने अलग जायके के साथ इसे बनाता हे. पर इसका स्वाद, एकदम गरम, घी में या सरसों के तेल में बने, और तेज मिर्च के होने पर आता हे.
चलिए में अपना तरीका यहाँ शेयर कर रही हु ... अप अपना बताइयेगा -

सामग्री -

गट्टे के  लिए - 

बेसन (Chick Pea Flour) - 1 कप 
हल्दी (Turmeric Powder) - 1/2 चम्मच
मिर्च (Red Chilli) पाउडर - 1/2 चम्मच
अजवाइन  (Carom Seeds) - 1 छोटा चम्मच
 
धनिया (Dhaniya) पाउडर - 1/2 चम्मच
नमक - स्वाद के अनुसार
दही (दही) - 1/4 कप
तेल - 1/8 कप


ग्रेवी के लिए

प्याज - 1 कप बारीक कटा
टमाटर - 1 कप बारीक कटा
अदरक - कद्दुकस  1 इंच टुकड़ा
लहसुन - कुचल 4 लौंग
दही (दही) - 1 कप
धनिया (Dhaniya) पाउडर  - 1 छोटा चम्मच
जीरा (Cumin) पाउडर - 1 छोटा चम्मच
मिर्च (Red Chilli) पाउडर - 1 छोटा चम्मच
आमचूर (मैंगो पाउडर) - 1/2 चम्मच
गरम मसाला - 1/2 चम्मच
राइ  (Mustard Seeds) - 1 छोटा चम्मच
जीरा (Cumin) - 1 छोटा चम्मच
नमक - स्वाद के अनुसार
तेल - 2 चम्मच


विधि - 


गट्टे के  लिए

     बेसन में सभी सूखी मसाले मिक्स करे.  अब इस मिश्रण में तेल मिलाये. धीरे धीरे दही डाले , यह ध्यान रखे की ये  मिश्रण बेसन चिपचिपा न हो जाये ज्यादा. अगर ऐसा लगे तो सारा दही एक साथ न मिलाये. इसे एक आटे  की तरह गूंथ ले. आटा ऐसा हो की  इस आटे  से बेलनाकार  आकार में रोल कर के बेले तैयार हो सके.  . 
     अब, आटा की एक छोटी सी गेंद लेकर  और 1/2 इंच मोटी बेलनाकार  आकार (लगभग 6 इंच लंबा) रोल बना ले. ऐसे सारे गट्टे  के बेले तैयार कर ले. एक बर्तन में  पानी को उबाल ले. पानी इतना ले की सारे गट्टे उस में डूब जाये. उस में सारे गट्टे डाल ले. और इसे उबलने दे. गट्टे इस पानी में उबाल कर पकाने हे। 10-15 मिनट के बाद चेक कर ले की गट्टे  पके हुए हे या नही इसके लिए एक गट्टा रोले बहार निकाल कर चाकू डाल कर  जाँच करें और अगर चाकू बाहर साफ आता है तो गट्टे पक गए हे. अगर नहीं तो थोड़ी देर और पकने दे. 
     जब गट्टे पक जाए तो उन्हें निकाल कर ठंडा होने रख दे. बचे हुए पानी को फेके नहीं इससे हम ग्रेवी बनायेंगे। गट्टे ठन्डे होने पर उन्हें आधा आधा इंच के टुकड़ो में काट ले. 


ग्रेवी और मिश्रण

     दही में  सभी सूखी मसाला मिलये. नमक अभी नहीं मिलये. अब इस दही को अच्छी तरह से फेट ले. एक पेन में  तेल दाले. इसमें  राइ , जीरा दाले. जब ये तड़कने लगे तब, एक मिनट के लिए अदरक और लहसुन भूनें। अब इसमें प्याज पारदर्शी होने तक भुने. अच्छे से भूनने के बाद इसमें टमाटर दाल कर भुने. अब इसे धीमी आंच पर ढक्कन कवर कर के 2  मिनट के लिए पकने  दे.२ मिनट बाद जब ग्रेवी से तेल  अलग होना  शुरू होता है तब इसमें  दही का  मिश्रण डाले . और तेज आंच पर उबाल लेने तक पकाये. अब, इस  में गट्टे  टुकड़े डाले और जरूरत के हिसाब से बचाया हुआ  पानी इसमें डाले। कवर कर के 5  मिनट तक  पकाना हे।
     गरमा गरम परोसे ,सब्जी तैयार है!

Friday, 12 July 2013

नान खटाई - Nan-Khatai - Homemade

नान खटाई  - Nan-Khatai - Homemade



आज हम शेयर कर रहे हे, नान खटाई . श्रीमती अभिलेखा व्यास ने ये रेसेपी हमारे साथ शेयर करी हे. 

Ingredients
  • मैदा -  100 ग्राम (एक कप)
  • बेसन - 1 छोटी चम्मच( optional)
  • सूजी - 1 छोटी चम्मच(optional)
  • चीनी - 50 ग्राम ( 1/2 कप)
  • घी -  50 ग्राम ( 1/2 कप)
  • इलाइची - 4-5
  • बेकिंग पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच
चीनी पीस लीजिये, घी गरम करके पिघला लीजिये.किसी बर्तन में पिघला हुआ घी और चीनी डालिये और अच्छी तरह से फैंट लीजिये.मैदा, बेसन, सूजी छान लीजिये, इलायची कूट कर और बेकिंग पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाइये, घी चीनी के मिश्रण में डालकर, नरम आटे जैसा गूथ लीजिये.
सारे मिश्रण के गोले बनाकर ट्रे में लगा लीजिये.गोले पर चाकू का उपयोग करके एक्स(X) बनाये.
ओवन को 200 डि. से. तापमान में सैट करके गरम कीजिये.   नानखताई की ट्रे बेक करने के लिये ओवन में रखिये.  ओवन को 180 डि.से. तापमान पर सैट करके 10-15 मिनिट के लिये नानखताई बेक कीजिये. ओवन से नानखताई की ट्रे निकालिये, ठंडी होने पर ट्रे से नानखताई निकाल कर, किसी प्लेट या प्याले में रखिये.नानखताई तैयार हो गये है. 

Tuesday, 9 July 2013

Ice cream - So delicious but some facts to note

आइसक्रीम और कुलफी के बिना गर्मियां अधूरी होती हैं। खास तौर पर आइसक्रीम तो सदाबहार है। इसके बिना तो कोई पार्टी भी पूरी नहीं होती। अलग-अलग फ्लेवर वाली रंग-बिरंगी आइसक्रीम हर किसी को खाने पर मजबूर कर देती है। तो वहीं तमाम तरह की कुलफी पिस्ता, केसर, बादाम आदि बाजार में उपलब्ध हैं। पर आप इन दोनों में से किसे चुनें, जिसमें अधिक कैलरी और अधिक फैट न हों। यहां सखी बता रही है आपके लिए सही विकल्प।

सही चयन : नैचरल फ्रूट आइसक्रीम : इसमें मिनरल्स और एसेंशियल विटमिंस मसलन ए और सी होते हैं। हालांकि कुलफी और नैचरल फ्रूट आइसक्रीम में कैलरी का अंतर अधिक नहीं है फिर भी इसे ही प्राथमिकता दें, क्योंकि इनमें विटमिन डी होता है। विटमिन डी महत्वपूर्ण विटमिन है, जो शरीर में कैल्शियम को एब्जॉर्ब करता है और कैल्शियम की कमी को दूर करता है। फ्रूट आइसक्रीम खाने के बाद पेट भरा-भरा नहीं लगता। इसमें कम दूध और क्रीम का इस्तेमाल होता है, जो सेहत के लिहाज से सही है। लेकिन इसे खाते समय सर्विग पर ध्यान दें। नैचरल फ्रूट आइसक्रीम फ्रोजन फूड की तरह है। यह आपके मूड को अच्छा बनाने में मदद करती है।

गलत चयन : कुलफी : इसमें कैलरी पर्याप्त मात्रा में होती है, क्योंकि इसे बनाने के लिए ढेर सारी क्रीम, दूध, मेवे का इस्तेमाल किया जाता है। दूध को गाढा करके बनाने से इसके जरूरी विटमिंस कम हो जाते हैं। कैलरी ज्यादा होने के कारण यह देर से पचती है। जिन्हें पेट संबंधी समस्या या दूध से एलर्जी यानी लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या हो, उनके लिए यह नुकसानदेह भी हो सकती है। इसके अधिक सेवन से पेट खराब और डायरिया होने का खतरा भी रहता है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों को खासतौर से इससे परहेज करना चाहिए।

हेल्थ एलर्ट : पारंपरिक आइसक्रीम में ढेर सारी चीनी व सैचुरेटेड फैट्स होते हैं। कुछ में मिल्क चॉकलेट, पीनट बटर कप्स, फज्ज की टॉपिंग होती है, जिस कारण उनमें कैलरी बहुत होती है। इसलिए नैचरल फ्रूट आइसक्रीम या आइस कैंडीज को प्राथमिकता दें।

न्यूट्रिशनल वैल्यू चार्ट (प्रति आधा कप)

फ्रूट आइसक्रीम

कैलरी : 220, कुल वसा : 11.0 ग्राम, सैचुरेटेड फैट : 6.0 ग्राम, कोलेस्ट्रॉल : 70 मिग्रा, सोडियम: 45 मिग्रा, कार्बोहाइड्रेट : 25.0 मिग्रा, चीनी : 24.0 ग्राम, प्रोटीन : 4.0 ग्राम, विटमिन ए : 10 च्, कैल्शियम : 10 च्, विटमिन सी : 4 च्

कुलफी

कैलरी : 344, कुल वसा : 19.0 ग्राम, सैचुरेटेड फैट : 0 ग्राम, कोलेस्ट्रॉल: 51 ग्राम, सोडियम : 8.3 मिग्रा, कार्बोहाइड्रेट : 3.5 ग्राम, डाइटरी फाइबर : 0 ग्राम, चीनी : 13.2 ग्राम, प्रोटीन : 7.6 ग्राम

Vrat Recipe -Rajgeere ke Pakode - राजगीरे की पकोड़ी

Vrat Recipe -Rajgeere ke Pakode - राजगीरे की पकोड़ी 

रिमझिम  बरसात
भीगी  भीगी  सी  हर  बात,
कुछ  ज्यादा  तो  याद  नहीं मुझे,
बस  याद  हे  तो  हमारा  हर  पल  का  वो  साथ .

बरसात  के  मौसम  में , जब  अपनों  का  साथ  हो  तो  मौसम  की  रंगीनी  और  बढ़  जाती  हे . और  ऐसे  में  जो  सबसे  पहली  चीज   याद  आती  हे  वो  हे , एक  कप  गरम  चाय  और  प्लेट  भर  के  पकोड़े . :)
लेकिन  अगर  इस  बारिश  में  कोई  व्रत  हमारे  और  बारिश  के  बीच  आ  जाये  तो  मन  मसोस  कर   बस फ्रूट्स  या  खीचड़ी  से  ही  कम  चलन  पड़ता  हे . लेकिन  आज  यहाँ  में  शेयर  कर  रही  हु  राजगीरे  के  आटे के  पकोड़े  जो  की  हम  व्रत  में  भी  काफी  मजे  से  खा  सकते  हे .

सामग्री  – 
राजगीरे  का  आटा   – 2 कटोरी
कुटी  काली  मिर्च  – आधी  चम्मच
हरी  धनिया  – बारीक  कटा  – 2 चम्मच
लाल  मिर्च  – आधी  छोटी  चम्मच
जीरा  – आधी  चम्मच
हरी मिर्च - बारीक कति - 1 छोटी
तेल  – गरम  तेल  2 चम्मच
सैंधा  नमक  – स्वादानुसार
अल्लू  – पतले  स्लाइस  करे  हुए  1 मध्यम

विधि  – राजगीरे   के  आटे  को  एक  बड़े  बाउल  में  लेकर  उसमे  काली  मिर्च , लाल  मिर्च ,जीरा , हरी मिर्च, नमक , धनिया  मिला  ले  और  पकोड़े  का  बेटर  तैयार  कर  ले . अब  इस  तैयार  बेटर  में  2  चम्मच  गरम  तेल  डाले  और  इसे  काफी  अचे  से  एक  ही  तरफ  फेट  ले . इससे  पकोड़े  अच्छे   फुले  हुए  और  क्रिस्प  बनेंगे . अब  इस  तैयार  बेटर  में  आलू  की  स्लाइसेस  डिप  करके  गरम  तेल  में  तल  ले .
पकोड़े  तलते  समय  ध्यान  रहे  की  तेल  अच्छा  गरम  हो  और  पकोड़े  डालते  ही  3  सेकंड  में  उन्हें  पलट  ले  फिर  हर  20 सेकंड  में  इन्हें  उलट  पलट  के  तल  ले . इससे  पकोड़े  अच्छे   क्रिस्प  बनेगे .

ध्यान  देने  की  बाते  – राजगीरे  का  आटा  बेसन  की  तरह  फूलता  नहीं  हे , इसलिए  घोल  का  पानी  डालते  समय  ध्यान  रहे  की  कही  पानी   एक  दम  से  ज्यादा  न  हो  जाये .
व्रत  में  खाने  के  लिए  मुगफली  का  तेल  प्रयोग  में  लिया  जाता  हे .
आलू  की  जगह  अप  अपनी  पसंद  की  कोई  भी  सब्जी  यूज़  कर  सकते  हे . पर  आलू  सदाबहार  हे   

Thursday, 13 June 2013

चावल के लड्डू - Chawal ke Laddoo

किसी भी काम की शुरुआत अक्सर मीठे से ही की जाती हे। और मीठे में हमारे राजस्थान में लड्डू का अपना अलग ही मजा हे। बूंदी के लड्डू तो में पहले ही share कर चुकी हु। आज कुछ नए लड्डू भी try करते हे। चावल के लड्डू केरल की पारंपरिक मिठाइयो में से हे।

ध्यान देने की बाते -
चावल के लड्डू पारंपरिक तौर पर कच्चे चावलों को सेक कर फिर उनके आटे से बनाये जाते हे। पर हम सुविधा के लिए चावल का आटा भी काम में ले सकते हे।
केरल में पारंपरिक लड्डू गुड से बनते हे। अगर हम चाहे तो गुड की जगह चीनी भी कम में ले सकते हे।
किसी भी मिठाई में चार चाँद घी से लगता हे पर इसमें हम घी की जगह ढूढ़ या पानी भी कम में ले सकते हे।

चावल के लड्डू ( Rice Ladoo )

सामग्री -
चावल - 1 कप या चावल का आटा - 1 कप
लड्डू बाँधने के लिए -
घी - थोडा सा या ढूध - थोडा सा
गुड - 3/4 कप या चीनी - 1 कप
पीसी छोटी इलाइची - 1 छोटा चम्मच
बादाम और पिस्ता की कतरन - 2 बड़े चम्मच
गुलाबजल - 2 - 4 बूँद

विधि -
चावल ( या चावल का आटा ) को एक भारी तले की कढाई में मध्यम आंच पर सेक ले। ध्यान दे की चावल अच्छे से सिक जाये और हलके भूरे रंग के हो जाये। आप अगर चाहे तो थोडा और गहरा रंग आने तक सेक सकते हे। बस स्वाद में थोडा और कड़क स्वाद हो जायेगा जो की पूरी तरह से आप और आपके परिवार के स्वाद पर निर्भर करता हे। इसी तरह अगर आप आटा काम में ले रहे हे तो उसे भी भुन ले।
चावल भुन जाने पर उन्हें हल्का ठंडा होने के लिए रख दे फिर उन्हें एक महीन पाउडर जितना पीस ले।

अब एक कढ़ाही में नारियल को माध्यम आंच पर सेक ले। जब ये अच्छा सिक जाये तब इसमें किसा हुआ गुड डाले। और हल्का सेक ले। सिर्फ इतना ही सेकना हे की ये हल्का गरम हो जाये तो नरम होकर लड्डू बाँधने जेसा हो जाये।

लड्डू बांधना -
इस तैयार गुड के मिश्रण को चावल के आटे में मिला दे। मेवे, इलाइची पाउडर मिलाये। हाथो पर हल्का पानी लगा कर लड्डू बांधे। अगर लड्डू बंधने में दिक्कत आ रही हो लड्डू का मिश्रण सख्त हो तो इसमें ढूढ़ या घी अपने स्वाद के अनुसार इतना मिलाये जितने से मिश्रण लड्डू बंधने जेसा हो जाये। सजावट के लिए चांदी का वर्क और केसर काम में ले।

कुछ हटके -
(अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
- गुड को हल्का गरम करने के बजाये इसे चाशनी बना कर भी लड्डू बनाये जा सकते हे। इसके लिए 1 कप पानी में गुड और केसर और इलायची दल कर पकाए। इसे उबलने तक पकाए और ऊपर से चाशनी की गन्दगी को हटा कर साफ कर दे। अब इसे भुने आटे और भुने नारियल में मिला कर लड्डू बनाये।
- नारियल को आप चाहे तो बिना भुने भी काम में ले सकते हे। बस ये सब आपकी imagination और स्वाद पर हे की कितना स्ट्रोंग स्वाद आप पसंद करते हे।
- किसी से बात करते हुए मुझे ये भी पता चला की ये लड्डू तेल में तल कर भी बनाये जा सकते हे। इसके लिए चावल के आटे में नारियल और किसा हुआ गुड और मेवे मिला कर हल्का ढूढ़ या घी या पानी दाल कर लड्डू बना ले फिर इसे गरम तेल में तल ले। ठंडा होने पर खाए और खिलाये। ये मेने try नहीं किये अगर आप करे तो मुझे बताये केसे लगे। में भी try करुँगी।

तूअर दाल सूप - Toor Dal Soup - साउथ इंडियन सूप (south Indian Soup )

सर्दियों की भीनी भीनी आहट हो गयी हे। अब एक प्याली के चाय की जगह अगर हर शाम एक बाउल सूप ले तो ये हमारी एक नयी और different पहल तो होगी ही। उसके साथ ही सेहत सुधारने की तरफ हमारा नया कदम होगा। सूप के अलग अलग variation बच्चो और बड़ो दोनों को ही काफी भाते हे।

 साउथ इंडियन सूप (south Indian Soup )

 सामग्री -
 तुअर दाल  - 1 मुठी 
 वेजिटेबल स्टॉक - 3 कप 
किसा हुआ नारियल - 2 छोटे चम्मच
अदरक - 1 छोटी गाठ
हरी मिर्च - 1
उबले चावल - 2 बड़े चम्मच
राइ - आधा छोटा चम्मच
करी पत्ता - 6 - 7
बटर या तेल - 2 छोटे चम्मच
नमक - स्वादानुसार 

विधि -

 वेजिटेबल स्टॉक -
 सीजन में उपलब्ध सब्जिया ले ( टमाटर , पत्तागोभी, फूलगोभी, मटर, गाजर और कोई अन्य आपके पसंद के सब्जी ) इन सब सब्जियों को अच्छे से धो के काट ले। फिर इन्हें प्रेशर कूकर में 3 सीटी तक पका ले। फिर ठंडा होने पर पीस ले। अब इसे छान ले। ये जो छाना हुआ पानी हे ये वेजिटेबल स्टॉक हे।

दाल -
तुअर दाल को 2 घंटे भिगो के रख दे। अब इस भीगी दाल को 1 कटोरी पानी डाल कर पका ले। दाल पूरी तरह से गलने पर ब्लेंडर से ब्लेंड करके छान ले।

 सूप -
 एक फ्राइंग पेन में 1 छोटा चम्मच बटर ले और गरम करे। इसमें कुटी अदरक, कटी हरी मिर्च डाल कर हल्का भुने। अब इसमें किसा हुआ नारियल दाल कर 2 - 4 मिनट सेके। अब इसमें वेजिटेबल स्टॉक और दाल का पानी मिला ले। नमक डाले और 5 मिनिट  के लिए सिम पर ढक्कन रख कर पकने दे। इससे सारे फ्लेवर आपस में बहुत ही अच्छे से मिक्स हो जायेंगे।

तड़का -
बचे हुए बटर को तड़का पेन में गरम करे। इसमें गरम होने पर राइ, करी पत्ते डाले इस तडके को सूप में मिलाये। और एक और उबाल ले कर इस गरमा गरम सूप को सब के साथ बेठ कर खाए खिलाये।

 कुछ हटके -
 (अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
 - वेजिटेबल स्टॉक का जो छानने के बाद बचा हुआ गाढा पेस्ट हे उसमें बेसन और चावल का आटा मिला कर उसमे मनपसन्द मसाले डालिए। इसके डायरेक्ट पकोड़े बनाये जा सकते हे या इसे एक फिलिंग की तरह से इस्तेमाल करके पराठे भी बनाये जा सकते हे।

मटर पुलाव (Peas Pulav / Matar Pulav )

मटर पुलाव ( Matar Pulav )

सर्दी हो या गर्मी किसी भी पार्टी में या कभी अगर मेहमानों को यु ही खाने पर बुलाया हो तो खाने में चावल का अपना अलग ही जगह हे। ऐसे में अगर सादे चावलों की जगह उनमे कुछ और स्वाद मिला कर बनाया जाये तो मजा और भी बढ़ जाता हे। तो आज कुछ सिम्पल और फटाफट चावल की रेसिपी बनाते हे।

मटर पुलाव 



सामग्री - 

चावल - 2 छोटी कटोरी
मटर - 3/4 छोटी कटोरी  
देसी घी - 2 बड़े चम्मच
लौंग - 2  
छोटी इलाइची - 1
दालचीनी - छोटा टुकड़ा
काली मिर्च - 2 - 3
जीरा - छोटा आधा चम्मच
नमक - स्वादानुसार  
पानी - 4 छोटी कटोरी

चावलों को अच्छे से पानी से  धोकर आधे घंटे के लिए भिगो के रख दे। अब एक पेन में घी गरम करे उसमे जीरा और  सारे खड़े गरम मसाले डाल ले। जीरे की खुशबू आने पर उसमे मटर ड़ाल कर हल्का तल  ले। अब इसमें चावल मिला कर हलके हाथो से हिला ले। चावल हल्का भून जाने पर चावल से दुगनी मात्रा में पानी मिला कर तेज आंच पर उबाल आने दे। अब एक उबाली के बाद इसे ढक कर सिम आंच पर 10 मिनिट के लिए पकने दे। 10 मिनिट बाद एक बार देख ले हल्का हिला कर की चावल पके हे या नहीं। अगर पक गए तो आंच बंद करके ढक्कन लगा कर 1 मिनिट के लिए ऐसे ही रख दे।

फिर गरमा गरम पुलाव परोस कर मजा ले।

Sunday, 9 June 2013

Tamatar mirch ki chutney ( टमाटर मिर्च की चटनी )

Rasoi --> Chutney/ Pickel

Tamatar mirch ki chutney ( टमाटर मिर्च की चटनी )



टमाटर - मिर्च की चटनी ( chilli-Tomato chutney )

खाने में variety हो तो खाना खाने का मजा ही बढ़ जाता हे। और ये varity नार्मल सब्जी रोटी के अलावा आचार और चटनी से दुगुना हो जाता हे। इसी सिलसिले में आज एक ऐसी चटनी मै share कर रही हु जो झटपट तैयार हो जाती हे।

टमाटर - मिर्च की चटनी ( Tomato - chilli chutney )

सामग्री -

टमाटर - 4
मिर्च (बड़ी, पतली) - 8
अदरक - 1 छोटी गाठ
मेथी दाना - 6 - 7
राइ - आधा छोटा चम्मच
जीरा - आधा छोटा चम्मच
करी पत्ता - 6 - 7
बटर या तेल - 2 छोटे चम्मच
नमक - स्वादानुसार

हल्दी - 1 चौथाई चम्मच
धनिया पाउडर - 1 चम्मच

विधि -


टमाटर और मिर्च को बारीक काट के रख ले। अदरक को कूट कर बारीक कर ले। चाहे तो अदरक के छोटे छोटे टुकड़े भी काट सकते हे। अब एक फ्राइंग पेन में तेल गरम करने रख दे। हल्का गरम होने पर इसमें दाना मेथी और करी पत्ता डाल ले। अब इसमें राइ और जीरा भी तड़का ले। जब जीरा हल्का भुन जाये और दाना मेथी की हलकी सुगंध आने लगे तब इसमें अदरक डाले। अदरक के हल्का भूनने के साथ ही इसमें टमाटर और मिर्च मिला ले। अब इसमें सारे सूखे मसाले मिला कर तेज आच पर भुन ले। जब ये हल्का तेल छोड़ने लगे तो गैस सिम कर के इसे सिर्फ 3 minut के लिए डक कर पकने दे।ढकने से पहले टमाटर को चमचे से हल्का मैश कर ले। अगर ये थोडा dry लगे तो इसमें 2 बड़े चम्मच पानी मिला ले।
3 मिनिट बाद tangy चटनी तैयार हे।

कुछ हटके -
चलिए 1 तीर 2 निशाने लगाये। कुछ हटके try करे।

- इस चटनी को मिक्सी में पीस कर तड़का दे कर भी try किया जा सकता हे।
- इसमें नया taste add करने के लिए इसमें 1 चम्मच चीनी भी मिलायी जा सकती हे।
- मिक्सी में पीसी हुई चटनी को ऊपर से तड़का देकर cold bread spread की तरह से भी use कर सकते हे। पर इस तरह से use करने के लिए इसमें मिर्ची की मात्र कम कर दे।
- गरम चटनी में चीनी की जगह गुड मिला कर और थोडा सा किसा हुआ नारियल मिला कर बनाने से इस dish को एक नया ट्विस्ट मिल जायेगा।

Saturday, 8 June 2013

बाजरा की खीचड़ी ( Bajra ki khichadi )

Rasoi - Daliya/ Kheechadi/ Chawal




बाजरा की खीचड़ी ( Bajra ki khichadi )

सर्दियों की आहट आते ही हमारे राजस्थान में बाजरे का घर में आगमन हो जाता हे। बाजरे के नए नए पकवान नयी नयी विधियों से बनाये जाते हे। इनमे सबसे मशहूर में से एक हे बाजरे की खीचड़ी। ये एक ऐसी खीचड़ी हे जो थोड़ी अलग हे और गरिष्ठ भोजन में include होती हे। ये शरीर में गर्मी करती हे और राजस्थान की तेज सर्दी में शरीर को बचाए रखती हे। इसका असली स्वाद खूब सारा घी और गुड मिला कर खाने में आता हे।
ये खीचड़ी अलग लोग अलग तरीके से बनाते हे। कुछ लोग इसे घी का तड़का दे कर बनाते हे। और कुछ इसे सादे तरीके से बनाते हे। में यहाँ दोनों ही तरीके शेयर कर रही हु। आपको जो पसंद आये वो ही try करे।

ध्यान देने की बाते - बाजरे की खीचड़ी का स्वाद सबसे ज्यादा इस बात पर निर्भर करता हे की बाजरे की भूसी / लूघ्सी/ छिलका कितना अच्छे से उतरा गया हे। इसके लिए थोड़ी मेहनत की जरुरत हे। लेकिन यकीन करिए की ये मेहनत स्वाद बहुत ही अच्छा देने वाली हे।

सामग्री -

बाजरे की मिगी - 1 कप
मूंग की धूली दाल - 1/4 कप
नमक - स्वादानुसार

तड़के के लिए -
घी - 2 बड़े चम्मच
हींग - चुटकी भर
जीरा - आधा छोटा चम्मच


बाजरे का छिलका उतरना - इसके लिए बाजरे को हल्का पानी का छीटा मार कर नम कर ले। इसे 5 मिनिट के लिए ऐसे ही रख दे। अब पारंपरिक तरीके में तो इसे खरल / ओखली में डाल कर इतना कुटे की भूसी अलग होने लगे। जितना अच्छे से कूटेंगे उतना ही अच्छे तरह से छिलका उतरेगा। लेकिन इसमें एक twist हे की अब इस तरीके को और आसानी से किया जा सकता हे। इस नम बाजरे को मिक्सी में लेकर 1 round पीस दे। ध्यान रहे सिर्फ एक मामूली सा चक्कर ही चलाना हे। देख ले अगर छिलका उतरा न हो अच्छे से तो एक और round पीस दे। अब इसे एक थाली में लेकर फटकार देकर इस भूसी को बाजरे की मिगी (मोटा टुकड़ा) से अलग कर ले। अब ये जो मिगी हे खीचड़ी बनाने के लिए तैयार हे।

तडके वाली खीचड़ी - कूकर में घी लेकर गरम कर ले। जब गरम हो जाये तब उसमे हींग जीरे का तड़का देकर इसमें बाजरा और दाल मिला कर इनकी मात्र के 4 गुना पानी मिला ले। अब नमक मिला कर कूकर बंद कर दे। 3 सीटी तेज आंच में ले और 1 सीटी धीमी आंच में ले।

सादी खीचड़ी - सादी के लिए बिना तडके के बाजरा और दाल को कूकर में पानी के साथ गैस पर चढ़ा दे। ऊपर दिए तरीके की तरह 3 सीटी तेज आंच में और 1 सीटी धीमी सीटी में ले।

कूकर की गैस पूरी तरह से निकलने के बाद खीचड़ी को अच्छी तरह से घोट ( मिला) ले। अब प्लेट में सर्व करके इस पर अपनी इच्छा के अनुसार घी मिलाये और गुड मिलाये और स्वाद ले गरम गरम खीचड़ी का।
आप चाहे तो बिना गुड के भी इसे try कर सकते हे। ये ऐसे भी बहुत स्वाद लगती हे।

कुछ अलग -

1. बाजरे का पुलाव - तडके वाली खीचड़ी में तडके में फ्रेश सब्जिय जेसे गाजर, मटर, पत्तागोभी और आलू , टमाटर, हरी मिर्च, अदरक मिला कर उन्हें थोडा सा fry कर फिर बाजरा और दाल मिलाये। इसमें लाल मिर्च थोडा सा गरम मसाला, थोडा सा चाट मसाला मिला कर कूकर बंद कर पकाए। फिर पकने के बाद इस पर हरा धनिया बुरक कर खाए और खिलाये। नया और मजेदार बाजरे का पुलाव तैयार हे।

2. बाजरे की खीचड़ी ढूध के साथ - देसी तरीको में एक तरीका ये भी हे की सादी खीचड़ी में ढूध मिला कर खाया जाता हे।

3. बाजरे की लापसी - पकाने के समय नमक की मात्र बहुत ही कम करके, उसमे गुड और ढूध मिला कर पकाए। छोटे बच्चो के लिए ये एक बहुत ही पोष्टिक और पूरक खाना हे जो की उनके शरीर को गर्मी देगा। अगर चाहे तो गुड की जगह चीनी भी उसे कर सकते हे।

4. बच्चो के लिए रेसिपी - बच्चों को देने के लिए ऊपर लिखी लापसी में कुछ नरम फ्रूट्स जेसे केला या pear या चीकू भी मिलाया जा सकता हे। ये एक अलग फ्लेवर तो देगा ही बल्कि इसकी पोष्टिकता को भी बढ़ा देगा।

बूंदी के लडडू - Boondi ke Laddoo

Rasoi - Racipe in Hindi - Sweet

Boondi Ke Laddoo



बूंदी के लडडू - Boondi ke Laddoo

बूंदी के लड्डू किसी भी शुभ उत्सव के लिए हमेशा ही perfect होते हे। ऐसे में अगर इस बार हम अपने उस शुभ कम को अपने हाथो के बने लड्डू के साथ match up करे तो होगी ना वो मीठी शुरुआत।

ध्यान देने की बाते -
लड्डू के लिए बनाने वाली बूंदी की मोटाई हमारे पास available झारा ( छेद वाली कलछी / झविया ) पर depend करता हे। अगर मोतीचूर के लड्डू चाहिए तो बारीक छेद वाली झारा लीजिये।
बेसन नार्मल बारीक बेसन ही काम
में लेना हे।
वेसे तो बूंदी सबसे बढ़िया taste या स्वाद घी में ही देती हे पर हम चाहे तो यहाँ घी की जगह रिफाइन्ड भी कम में ले सकते हे।

बूंदी के लड्डू ( Boondi Ladoo )

सामग्री -
बेसन - 250 ग्राम ( ढाई कप)
घी - 400 ग्राम ( तलने के लिए )
ढूध - 1 गिलास
चीनी - 500 ग्राम ( 5 कप)
पीसी छोटी इलाइची - 1 छोटा चम्मच
बादाम और पिस्ता की कतरन - 2 बड़े चम्मच
सुखी गुलाब की पत्तिया - 1 बड़ा चम्मच
गुलाबजल - 2 - 4 बूँद

विधि -

बेसन का घोल -
बेसन को छान ले और ढूध को मिला कर घोल ले। घोल में lumps यानि गुठलिया नहीं होनी चाहिए। ये घोल इतना पतला होना चाहिए की झारे पर डालने से नीचे से बूंदी जेसा drop drop निकले । इसके लिए चाहे तो एक साथ पूरा ढूध मिलाने की जगह धीरे धीरे करके ढूध मिलाये। इस घोल को 5 मिनिट तक अच्छा फेट ले। चाहे तो इसमें 1 स्पून घी दाल कर भी फेट सकते हे।

चाशनी -
एक पतीले में 1 ग्लास पानी गरम करके चीनी मिला कर चाशनी बना ले। ये चाशनी इतनी गाढ़ी होनी चाहिए की अगर एक बूँद आप प्लेट पर डाले और फिर अपनी अन्घुठे और ऊँगली से चेक करे तो वो हलके चिपकने चाहिए। चाशनी को साफ करने के लिए उबलते समय उसमे एक स्पून ढूध डाल दे। इससे चाशनी में झाग बन जायेंगे और सारा कचरा झाग में ऊपर आ जायेगा। इसे एक चम्मच से अलग हटा दे।

बूंदी तलना -
एक कढ़ाही में तलने के लिए घी गरम करे। घी को कितना गरम करना हे ये चेक करने के लिए उसमे एक एक ड्राप बूंदी का घोल डाले। अगर बूंदी तले से ऊपर आ जाये तो घी पर्याप्त गरम हे। घी के गरम होने पर एक बड़े झारे को कढ़ाही के ऊपर रख कर उस पर एक बड़ा चम्मच बेसन का घोल डाले। झरे को हिलाना नहीं हे। जब बूंदी अपने आप उसमे से गिरना बंद हो जाये तो उसे हटा दे। दुसरे झारे से बूंदी ताल ले। सुनहरा पीला रंग होने तक तले।

लड्डू बांधना -
अब इस बूंदी को चाशनी में डाले। सरे घोल की बूंदी बना ले और सब को चाशनी में डाल दे। अब इसमें गुलाब की पत्तिया , मेवे, इलाइची पाउडर मिलाये। हाथो पर हल्का पानी लगा कर लड्डू बांधे। चाहे तो वर्क से सजाये।

कुछ हटके -
(अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
- बूंदी को चाशनी में नहीं डाले तो ये फीकी बूंदी रायते में भी काम ले सकते हे।
- फीकी बूंदी को गरम में ही चाट मसाला, और बाकि मसाले मिला कर नमकीन में मिला सकते हे।
- लड्डू न बना कर मीठी बूंदी को ऐसे ही मेवे मिलाये, उसे बाउल में डाले फिर ऊपर से क्रीम दल कर सर्व करे।
- क्रीम की जगह वनिला आइसक्रीम भी try की जा सकती हे।

Homemade Khushi

Homemade  Khushi  हे उन खुशियों को ढूढने का तरीका जो हमारे घरेलु नुश्खो में ही छिपे हुए घर में बेठे हे. बस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम उन्हें भूल जाते हे. 

इसमें हे -->
वेजिटेरियन रेसिपी
घरेलु नुस्खे - रसोई घर
ब्यूटी टिप्स
लाइफ स्टाइल की बाते 
आयुर्वेदिक नुस्खे अच्छी हेल्थ के लिए 
फैशन टिप्स 
और अनेक ....

न जाने कितनी ही बार महसूस हुआ की क्यों खिची खिची सी हो गयी जिंदगी ...
न जाने कब वो पहली मुलाकात की गर्मिया सर्द गृहस्ती की हवाओ में उड़ गयी ...
बिखर गयी सुनहरी रंगत मेरी, वो परफेक्ट सुनहरे cake bake करते करते ...
भूल गए कब आखिरी बार, बिना parlour गए , हमारे दीदार से किसी के नैन नहीं हटते ...

हम में से कितनो की ही जिंदगी की कहानी से ये ऊपर लिखी टेडी मेढ़ी lines सीधी सीधी match करती होगी। कितनी ही बार हमें ये सुनने को मिलता हे ... क्यों इतने गुस्से में हो? अरे कभी तो हमारे साथ बेठ
कर शांति से खाना खाओ। तुम्हे तो बस मेरे अलावा सब की पड़ी हे। इतनी छोटी छोटी बाते याद नहीं रखोगी तो घर केसे संभालोगी। vegetarian में कितने और भी options हे फिर भी रोज बस वोही सब्जिया and same पराठे। पड़ोस की Mrs Sharma कभी parlour जाते नहीं देखा पर फिर भी हमेशा tip top ही दिखती हे।

और भी न जाने क्या क्या ... :) well रोज वोही बाते एक खीझ सी होती हे। पर जब भी कभी शांति से 2 min सोचते हे तो लगता हे, क्या गलत हे सब की बातो में। कही न मेरे लिए प्रेम, एक concern ही तो हे ये सबका मेरे लिए। और क्या चाहती हे एक नारी, बस अपनों को खुश रखना, केसे भी, किसी भी तरह। और कही न कही 100 तरीके ढूंढते रहते हे ये ख़ुशी के लिए। पर क्या कभी हमने ये realize किया की वो जो ख़ुशी कही बाहर ढूंढ़ रहे हे वो हमारे अन्दर ही हे। बस एक बार अपनी ख़ुशी को पहचाने, उसे सवारे, खुद खुश रहे, बस फिर क्या - अपनी ख़ुशी के साथ हमें अपने अपनों की ख़ुशी किस कदर चारो तरफ से मिलती हे।

"Homemade  Khushi " बस एक कोशिश हे आपका साथ देने की उस ख़ुशी को ढूंढने में। और फिर एक साथ celebrate करने के लिए। तो आइये इस नयी शुरुआत में साथ दे और कुछ नमकीन से जीवन को और भी "खुशकीन " बनाये।
यहाँ मेरी कोशिश हे रोज कुछ vegetarian reciepis आपके साथ share करू। कुछ ब्यूटी टिप्स और रोजमर्रा के जीवन के नुस्खे आपके साथ share करू। इनमे से सब originally मेरे invented या ढूंढ़े हुए नहीं हे, बल्कि कुछ मेरे तकरीबन 20 सालो का इक्कठा किया खजाना हे जिसे में आपके साथ बाट कर और बढ़ाना चाहती हु। आप सब के विचार और सुझाव मेरी इस कोशिश को और भी रंगीन कर देंगे।
तो आइये शुरुआत करे ख़ुशी की खोज की।